अल्मोड़ा में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय भाषा संगोष्ठी की शुरुआत हो गयी है. संगोष्ठी में भारत, रूस, आस्ट्रेलिया, नार्वे, नेपाल सहित कई देशों के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं. भाषा पर शोध करने वाले शोधार्थी अपने शोध पत्रों को संगोष्ठी में पढ़ रहे हैं. तीन दिनों तक एसएसजे परिसर में संगोष्ठी चलेगी. सभी वक्ताओं ने कहा कि केवल हिन्दी ही नहीं बल्कि सभी भाषाओं पर तेजी से संकट आ रहा है. सभी ने एक सुर में इसके प्रति चिंता जतायी. वक्ताओं ने कहा कि भाषा का संकट केवल अभिव्यक्ति पर ही नहीं बल्कि संस्कृति, रहन-सहन और जीवन शैली पर भी पड़ता है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2yeNxk1
No comments:
Post a Comment