उत्तराखंड में पांचवें धाम के रूप में विश्वविख्यात हेमकुंड साहिब के कपाट आज शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं. समुद्रतल से 14600 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब के कपाट गर्मियों में खुलते हैं और हर साल 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बन्द कर दिए जाते हैं. माना जाता है कि सिक्खों के दसवें गुरु गुरु गोविन्द सिंह जी ने इसी स्थान पर पूर्व जन्म में तपस्या की थी. कपाट बन्द होने के मौके पर जहां सुबह सुखमणि का पाठ किया गया वहीं दोपहर बारह बजे सबद-कीर्तन और साल की आखिरी अरदास के साथ ही पांच प्यारों की अगुवाई में ग्रन्थी ने गुरु ग्रन्थ को संचखंड में स्थापित किया. इस मौके पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया और गुरु दरबार में मत्था टेक कर गुरु ग्रन्थ साहिब के दर्शन किए.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2OShiAs
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